पाकिस्तान सीमा होगी अभेद्य, भारतीय सेना में शामिल होंगी सैकड़ों भीष्म टैंक

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पाकिस्तान को उसकी नापाक करतूतों का जवाब देने के लिए भारतीय सेना के बेड़े में 464 नए टी-19 भीष्म टैंक शामिल किए जाएंगे। भारत सरकार ने इसके लिए रुस से 13,448 करोड़ रुपए का समझौता किया है। भारत को ये टैंक 2022 से 2026 के बीच मिलेंगे। भीष्म के भारतीय सेना में शामिल होने के बाद इन टैंको को पाकिस्तान से सटे सीमा पर तैनात किया जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि टी-90 टैंक अपग्रेडेड होंगे और इन्हें भारत में ही बनाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, रुस से एक महीने पहले ही अधिग्रहण की मंजूरी मिल गई है। इस टैंक की खासियत यह है कि यह रात में भी लड़ने में सक्षम है। 

सेना को मजबूत करने पर बल

गौरतलब है, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब 1.3 मिलियन की मजबूत सेना युद्ध लड़ने वाली अपनी पूरी मशीनरी को फिर से तैयार कर रही है। बता दें, सेना के 67 बख्तरबंद रेजिमेंट में पहले से ही 1070 टी-90 टैंक, 124 अर्जुन और 2,400 पुराने टी-72 टैंक मौजूद हैं।

बता दें, भारत ने पहले से ही अपने टी-90 टैंकोंके लिए अतिरिक्त लेजर-गाइडेड इन्वार मिसाइल और 125 मिमी APFSDS गोला-बारूद की खरीद कर ली है।

स्‍कॉर्पिन वर्ग में चौथी पनडुब्‍बी वेला का उद्घाटन

इससे पहले 6 मई को भारतीय नौसेना के लिए मझगांव डॉक शिपबिल्‍डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा तैयार की जा रही स्‍कॉर्पिन वर्ग की चौथी पनडुब्‍बी वेला को लांच कर दिया गया। वेला पनडुब्‍बी को नौका-सेतू से उसे अलग करने के लिए मुम्‍बई पोर्ट ट्रस्‍ट लाया गया। पनडुब्‍बी का बंदरगाह और समुद्र में कठिन परीक्षण और जांच की जायेगी, उसके बाद ही इस भारतीय नौसेना को सौंपा जायेगा।

स्‍कॉर्पिन वर्ग की पनडुब्बियां किसी आधुनिक पनडुब्बी के सभी कार्य करने में सक्षम है, जिसमें एंटी-सर्फेस और एंटी-सबमरीन युद्ध शामिल है। स्‍कॉर्पिन परियोजना तथा तकनीकी हस्‍तांतरण के अनुभव और उन्‍नत इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर के साथ एमडीएल भविष्‍य में और पनडुब्‍बी निर्माण का कार्य करने को तैयार है।

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