सदन में 660 बहसों में हिस्सा लेने वाले सांसद शरद त्रिपाठी का रिपोर्ट कार्ड…पूरा पढ़े

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कुछ ही दिनों पहले अपने ही पार्टी के विधायक राकेश सिंह बघेल की जूतों से पिटाई करने वाले संत कबीर नगर से बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी ने अपने इस कृत्य के लिए जनता के साथ-साथ पार्टी से भी क्षमा मांग ली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बतौर सांसद शरद त्रिपाठी पिछले 5 सालों का रिपोर्ट कार्ड कैसा रहा। अगर नहीं तो हम आपको बताते हैं।

सदन में 98 फीसदी उपस्थिति रही

उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर से 2014 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद भवन पहुंचे शरद त्रिपाठी की सदन में उपस्थिति 98 फीसदी रही। जोकि राष्ट्रीय एवं राज्य औसत से कहीं ज्यादा है। बता दें, सदन में उपस्थिति का राष्ट्रीय औसत 80 फीसदी तो राज्य औसत 86 फीसदी है। शरद त्रिपाठी सदन की कार्यवाही में लगातार सक्रिय रहें औऱ अधिकतम बहसों में हिस्सा भी लिया और मौके आने पर जनहित के मुद्दों को भी उठाया। कुल 660 बहसों में हिस्सा लेने वाले शरद त्रिपाठी ने 3 प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किया। इसके साथ ही वह सदन में सवाल पूछने में भी आगे रहे, इस दौरान उन्होंने कुल 291 सवाल पूछे। इस मामले में भी वह राष्ट्रीय और राज्य औसत से कहीं आगे रहें।

बता दें, वह फिलहाल विदेश मामलों की स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य भी हैं।

क्षेत्रवासियों ने भी की प्रशंसा

सांसद शरद त्रिपाठी के कामकाज से संत कबीर की जनता भी संतुष्ट नजर आई। खलीलाबाद के रहने वाले अरविंद ने बताया कि क्षेत्र में कई नए काम हुए हैं, अभी हाल ही में खलीलाबाद से बहराइच रेलवे लाइन पास हुई है, इसके अलावा खलीलाबाद-मेंहदावल सड़क का चौड़ीकरण का काम भी शिलान्यास हुआ है, साथ ही गांवों में सड़के पहुंच रही हैं। इसके अलावा मेंहदावल क्षेत्र के मोनू ने बताया कि सांसद शरद त्रिपाठी ने विकास के कार्य को जनता तक पहुंचाने के लिए भरसक कोशिश की है। वहीं धनघटा के दुर्गा प्रसाद ने कहा कि पिछले 5 सालो में और भी कार्य किए जा सकते थे, लेकिन जितना हुआ उतना भी ठीक है। उन्होंने बताया  कि सांसद को थोड़ा और सक्रिय रहना चाहिए था।

बड़े परिवार से ताल्लुक रखते हैं सांसद

गौरतलब है, संत कबीर नगर के सांसद शरद त्रिपाठी बड़े घराने से ताल्लुक रखते हैं, उनके पिता रमापति राम त्रिपाठी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ उनके करीबी संबंध हैं। शरद पिता की सियासी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कानपुर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की है।

ब्राह्मण-मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है संत कबीर नगर

महान संत और कवि संत कबीर दास के नाम पर आधारित इस संसदीय क्षेत्र में मुस्लिमों की आबादी अच्छी खासी (23%) है और यह यहां की जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा यहां ब्राह्मणों की संख्या अधिक है। इस बार सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार कुशल तिवारी हैं, जोकि बाहुबली परिवार से ताल्लुकात रखते हैं। ऐसे में अगर शरद त्रिपाठी इस बार बीजेपी से उम्मीदवार होते हैं तो उन्हें कुशल तिवारी का सामना करना पड़ेगा। दोनों उम्मीदवारों में ब्राह्मण वोटों को लेकर काफी प्रतिस्पर्धा हो सकती है।

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