सौभाग्य योजना के तहत 9 राज्यों में 100% घरों का विद्युतीकरण पूरा

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सौभाग्य योजाना के तहत 9 राज्यों मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, मिजोरम, सिक्किम, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल ने सौभाग्य योजना के तहत घरेलू विद्युतीकरण के लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा कर लिया है। इस प्रकार देश में कुल 16 राज्यों में अब 100% घरेलू विद्युतीकरण है। वहीं 31 दिसंबर, 2018 तक 100% घरेलू विद्युतीकरण प्राप्त करने की उम्मीद है। बता दें, महाराष्ट्र, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ इत्यादि जैसे कई राज्यों को गैर-विद्युतीकृत घर बाकी रह गए हैं और इनके किसी भी समय विद्युतिकृत होने की उम्मीद है।

बता दें, सौभाग्य के तहत 2 करोड़ से अधिक बिजली कनेक्शन जारी किए गए और डीडीयूजीजेवाई के तहत 100 प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण हुआ ऊर्जा घाटा लगभग शून्य हो गया और भारत नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार को बिजली के शुद्ध निर्यातक के रूप में उभरा है उजाला योजना के तहत 31.68 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित किए गए और 74.7 9 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट स्थापित किए गए हैं “बिजली” प्राप्त करने के मामले में विश्व बैंक की ईज ऑफ डूनिंग बिजनेस में भारत की रैंक बढ़कर 2018 में 24 हो गई जबकि 2014 में यह 137 थी।

11 अक्टूबर, 2017 से 2.1 करोड़ से ज्यादा परिवार विद्युतीकृत हुए।

  • दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीजीजीवाई)
  • 100 प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण हुआ
  • इस पर 75,8 9 3 करोड़ रुपये खर्च हुए
  • 2,58,870 किमी एचटी और एलटी लाइनें बिछाई गईं
  • 4.10.146 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए

जनरेशन क्षमता

  • अप्रैल 2014 से अक्टूबर 2018 तक 1,07,000 मेगावॉट उत्पादन क्षमता बढ़ी है।
  • अखिल भारतीय स्तर पर जनरेशन क्षमता 39.2% बढ़कर 31.10.2018 तक 3,46,048 मेगावाट हो गई है जो 31.3.2014 तक 2,48,554 मेगावॉट थी।
  • भारत बिजली के शुद्ध निर्यातक के रूप में उभरा है। वित्त वर्ष 2017-18 में 7203 एमयू नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार को आपूर्ति की गई और 468 एमयू चालू वर्ष 2018-19 (अक्टूबर 2018 तक) में आपूर्ति की गई।

एक ग्रिड, एक राष्ट्र (अक्टूबर, 2018 तक उपलब्धियां)

  • 2014-15 से 2018-19 तक 1,11,433 सीकेएम संचरण ग्रिड का विस्तार हुआ (वित्त वर्ष 2018-19 में 11,799 सीकेएम जोड़ा गया)।
  • 2014-15 से 2018-19 तक 3,38,202 एमवीए की ट्रांसफार्मेशन क्षमता वृद्धि हुई (वित्त वर्ष 2018-19 में 41,790 एमवीए जोड़ा गया)।
  • 2014-15 से 2018-19 तक 26 परियोजनाओं के लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से 48,426 करोड़ रुपये दिए गए।

एकीकृत विद्युत विकास योजना (आईपीडीएस)

  • इस पर 65,424 करोड़ रुपये का परिव्यय हुआ।
  • 1378 कस्बे आईटी सक्षम
  • अतरिक्त 1900 कस्बों में काम प्रगति पर है
  • 1,30,348 किलोमीटर में से 43,449 किमी एचटी और एलटी लाइन स्थापित कर दी गई हैं
  • कुल 58,145 में से 28,193 वितरण ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए

उदय

दो साल के भीतर उदय के तहत डिस्कॉम द्वारा 34,000 करोड़ रुपये से ज्यादा ब्याज लागत बचाई गई।

पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान

  • एनईआर (सिक्किम समेत) में अंतर-राज्य संचरण और वितरण प्रणाली के विकास के लिए 9865.75 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
  • 6379 गांवों का विद्युतीकरण और 9822 गांवों के गहन विद्युतीकरण को पूरा किया गया।
  • 130 कस्बे आईटी सक्षम।
  • उजाला योजना के तहत 68.76 लाख एलईडी बल्ब वितरित किए गए।
  • एसएलएनपी योजना के तहत 99,895 एलईडी स्ट्रीट लाइट्स स्थापित की गई।
  • अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन को मजबूत करने और उनके विकास के लिए 9866 करोड़ परियोजनाएं शुरू की गईं।

औद्योगिक ऊर्जा दक्षता

  • बड़े उद्योगों में पीएटी के माध्यम से ऊर्जा दक्षता उपायों ने सालाना 9500 करोड़ रुपये की ऊर्जा बचाई है।
  • 13 क्षेत्रों से 846 डीसी के लिए पीएटी चक्र IV की अधिसूचना जारी की गई है।

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