6 साल से लापता बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहा पांडेय परिवार

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बिहार के पटना से दिल्ली में पांडेय परिवार 6 साल पहले अपहरण हुए अपने बेटे की तलाश में नेताओं की खाक छान रहा है। उन्हें उम्मीद है कि जो न्याय बिहार सरकार और पुलिस नहीं दिला पाई, उसे देश की राजधानी में बैठे नेता दिला देंगे। इसी आस में वे केंद्रीय गृहमंत्री से लेकर अन्य नेताओं के पास जा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। ऐसे मे उन्होंने Lokseva News से न्यूज से कहा है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वो यहीं खुद को आग लगाकर जान दे देंगे। 

जानिए पूरा मामला…

पीड़ित परिजनों के मुताबिक, नवंबर 2013 में उनके 14 वर्षीय बेटे पवन पांडेय का अपहरण अख्तर मियां के पुत्र रिंकू कुमार, नीरज कुमार, खटूस और विशाल ने कर लिया। जिसके बाद आज तक उनके पुत्र का पता नहीं चला है। वहीं जब पवन की मां देवन्ती देवी ने अपने पुत्र के लापता होने की रिपोर्ट फुलवारी शरीफ थाने में दर्ज कराने पहुंची तो पुलिस वालों ने केस दर्ज नहीं किया, उलटे उन्हें धमकी भी दी। वहीं जब पीड़ित परिजनों ने तत्कालीन डीएसपी इम्तियाज अहमद से बात की उन्होंने कहा कि उनका बेटा वापस आ जाएगा, यही कहकर उन्होंने एफआईआर दर्ज के इनकार कर दिया।

पुलिस को पड़ी थी कोर्ट की  फटकार

वहीं पुलिस की लापरवाही के बाद जब पांडेय परिवार ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो उसके बाद कोर्ट से पुलिस को फटकार लगाई। जिसके बाद फुलवारीशरीफ की पुलिस ने गुंडई तेवर अपना लिया और पीड़ित परिवार के घर में घुसकर जबरन मारपीट की थी, यहां तक की डीएसपी इम्तियाज अहमद खुद कानून को ताक पर रखकर मारपीट करने पहुंचे थे।

इतना ही नहीं पुलिस वालों ने पवन को ढूंढने की बजाय उसपर गांजा तस्करी का झूठा आरोप भी मढ़ डाला। लेकिन पुलिस ने पवन का पता लगाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं अपनाया।

विभिन्न नंबरों से आते थे धमकी

वहीं जब पवन के परिजन उसकी तलाश में लगातार पुलिस स्टेशनों के खाक छान रहे थे तो विभिन्न मोबाइल नंबरों से उनके पास फोन भी आते थे और उन्हें धमकाया जाता था। जिससे साफ पता लगता है कि पवन को किसी साजिश के तहत अपहरण किया गया है और धमकी से साफ पता चलता है कि परिजनों से जिनके खिलाफ आरोप लगाए हैं, दोषी भी वहीं है।

न्याय के लिए दिल्ली भटक रहे पीड़ित

पवन के परिजनों से बिहार में न्याय के लिए मुख्यमंत्री से लेकर अन्य नेताओं और अधिकारियों के दरवाजों को खटखटाया, लेकिन कुशासन बाबू के राज में न्याय की आस लगाना भी बेमानी है। पांडेय परिवार जब बिहार में न्याय के लिए लड़ाई लड़ते-लड़ते थक हार गया तो सोचा कि दिल्ली में उन्हें न्याय मिलेगा, लेकिन दिल्ली में पिछले एक हफ्ते से वे नेताओं के घर का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन नेता उन्हें सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, न्याय के लिए सहयोग नहीं।

आत्मदाह की धमकी

पवन के पिता शिवमंगल पांडेय सिपाही से रिटायर हो चुके हैं और जिस उम्र में उन्हें आराम की जरुरत है, उस उम्र में वे अपने लापता बेटे के लिए दर-दर भटक रहे हैं। न्याय के लिए उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा है। टपकते आंसूओं के साथ उन्होंने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे जिंदा रहकर क्या करेंगे? जिस देश में उन्हें न्याय नहीं मिल सकता वहां रहने से क्या फायदा? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलेगा तो वे दिल्ली की सड़कों पर अपनी पत्नी के साथ आत्मदाह कर लेंगे।

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  1. कृपया आप लोगों से विनम् निवेदन है कि ये एक माँ बाप की गुहार हैं जितना हो सके उतना शेयर करें और हमारी मदद करें , हाथ जोड कर विनम् निवेदन हैं

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