तीन तलाक कानून से इस्लाम खतरे में नहीं आ जाएगा – बीजेपी सांसद

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लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि बात आई कि धर्म खतरे में हैं, ऐसी बातें पहले भी सुनने को मिलीं है। मुसलमानों को आगे आना चाहिए, अगर वे सामने आते हैं तो काफी अच्छी बात है लेकिन अगर वे नहीं भी आते तो हमारा काम है कि हम कानून बनाकर गलत रीतियों को रोकें। महिला अगर अपने मन से सति होना चाहती हैं तो उसपर छोड़ दें, अनपढ़ मां-बाप अगर बच्चे को नहीं भेजना चाहते तो क्या कानून न बनाएं? लेखी ने कहा कि जो सोया उसे अल्लाह जगाए, जो जागा-जागा सोया, उसका क्या करें? यहां इतने पढ़े लिखें लोग बैठे हैं, अगर यहां बैठे लोग ही नहीं समझ पा रहे हैं कि इस कानून की क्या जरूरत है तो हम बाकि लोगों को कैसे समझाएंगे।

अखिलेश पर भड़की लेखी

बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि देश के कई इलाकों में चल रहीं शरिया अदालतों पर किसी ने बात की लेकिन इस पर कोर्ट ने भी आपत्ति जताते हुए कहा था कि जब देश में संविधान के दायरे में पहले से ही एक न्यायिक प्रणाली है, ऐसे में एक सामांतर न्यायिक व्यवस्था होना किसी विशेष समुदाय के लिए क्या जायज है, सबसे ज्यादा शरिया अदालतें यूपी में ही हैं। अगर अखिलेश जी ने अपने समय में उत्तर प्रदेश में चलने वाली शरिया अदालतें बंद की होती तो शायद इतने केस नहीं आते, निकाह-निकाह न हुआ, मजाक हो गया, तलाक, तलाक, तलाक हो गया।

भारत का धर्म संविधान

मीनाक्षी लेखी ने कहा कि भारत को एक राष्ट्र बनाने में, भारत को एक करने में, वो कानून बनाने में कितनी तकलीफें हुईं, अंबेडकर जी ने क्या कुछ सहा, हमारे यहां भी बदलाव हुई, बहु-विवाह, सति प्रथा के कानूनों में बदलाव हुए, दलित समाज के अलावा किसी और समाज में तलाक का प्रावधान नहीं था लेकिन उस कानून को आधार बनाकर सभी लोगों को तलाक का प्रावधान दिया। हम सबका एक धर्म है और वो है भारत का संविधान, जो आपका धर्म है वो घर के अंदर है, घर के बाहर आपका धर्म भारत का संविधान है।

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