रिपोर्टः योगी के गोरखपुर में लड़कियां सुरक्षित नहीं, आए दिन होती है छेड़खानी

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लड़कियों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावे लगातार खोखले साबित होते दिख रहे हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों की अगर बात छोड़ भी दिया जाए तो खुद मुख्यमंत्री योगी के शहर गोरखपुर में बच्चियां सुरक्षित नहीं है। आए दिन छात्राओं से छेड़खानी होती है, जिससे उनका स्कूल जाना दुसवार हो गया है। और जब वे पुलिस के पास जाती हैं तो पुलिस भी उनकी मदद करने के बजाय लीपापोती में जुट जाती है। गोरखपुर में एंटी रोमिया दल का असर भी दिखना बंद हो गया है। वहीं मामला जब तूल पकड़ता है तो अधिकारी भी कार्रवाई को मजबूर हो जाते हैं, पर उनके फैसले भी घटना को रोकने में कामयाब नहीं होते हैं।

कुछ ऐसी घटनाओं का जिक्र निम्म है…

3 अगस्त 2019 – सहजनवां के एक बालिक इंटर कॉलेज के बस में घुसकर शोहदों ने छात्राओं से छेड़छाड़ की। जिसके बाद मजबूरन कॉलेज को 3 दिनों तक बंद करना पड़ा। बाद में पुलिस के सहयोग से फिर कॉलेज  शुरु हुआ।

1 अगस्त 2019 – पिपराईच इलाके में एक शिक्षक से छात्रा से दुष्कर्म किया। इस गंभीर मामले को भी पुलिस ने लीपापोती कर दी।

31 जुलाई 2019 – खोराबार के आजाद चौक पर ऑफिस से घर जा रही युवती के साथ छेड़खानी और अगवा करने की कोशिश की गई। अभी तक आरोपियों की पहुंच से दूर पुलिस।

30 जुलाई 2019 – शहर में ही मां के साथ बाजार जा रही किशोरी से शोहदों ने छेड़खानी की। जिसपर पुलिस मौन बनी रही।

27 जुलाई 2019 – खोराबार के बेलवार में बाजार से लौट रही किशोरी से छेड़खानी। पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया।

20 जुलाई 2019 – खोराबार के बहरामपुर में खेत में काम कर रही किशोरियों से छेड़खानी। तहरीर के बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ।

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